06 मई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/मस्तूरी/धनगवां
बिलासपुर:मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत धनगवां में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आया है। कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में सरपंच, सचिव सहित अन्य अधिकारियों पर करीब 1 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत बिलासपुर ने जांच दल गठित कर 7 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार जांच दल में जिला अंकेक्षक दीपक कुमार समां, उप अभियंता अनिल भारती, उप अभियंता वर्षा शर्मा और मनरेगा के तकनीकी सहायक शांतनुराव को शामिल किया गया है। टीम को सभी निर्माण कार्यों का प्राक्कलन, मूल्यांकन और स्थल पर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।

मनरेगा और अमृत सरोवर में गड़बड़ी के आरोप:शिकायतकर्ता संतु यादव ने आरोप लगाया है कि मनरेगा और अमृत सरोवर योजना के तहत लाखों रुपये का फर्जी मूल्यांकन कर राशि आहरित की गई, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य अधूरे या नगण्य हैं। अमृत सरोवर में 17.88 लाख और नाली निर्माण में 17.90 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप है।
एक ही काम में दोहरी भुगतान का खेल:सीसी रोड निर्माण में एक ही स्थान पर अलग-अलग मदों से दो बार राशि निकालने का मामला सामने आया है। इसके अलावा 15वें वित्त आयोग की करीब 47 लाख रुपये की राशि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।

कागजों में पूरे, जमीन पर अधूरे काम:शिकायत में कहा गया है कि कई निर्माण कार्य कागजों में पूर्ण दिखाकर राशि निकाल ली गई, जबकि हकीकत में काम अधूरा है। खेल मैदान, सामुदायिक शौचालय, स्ट्रीट लाइट, नाली निर्माण और अन्य कार्यों में घटिया निर्माण की शिकायत की गई है।
बोरखनन और मोटर पंप में भी गड़बड़ी:बोर खनन और मोटर पंप स्थापना के कई कार्यों में राशि आहरित कर कार्य नहीं कराए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
खातों पर रोक और निष्पक्ष जांच की मांग:ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक पंचायत के खातों से राशि निकासी पर रोक लगाई जाए और निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए।
प्रशासन में हड़कंप, कार्रवाई पर नजरें:मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
