January 22, 2026
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19 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों (नियमितीकरण, ग्रेड पे, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, लंबित 27% वेतनवृद्धि सहित) को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। आंदोलन के चलते पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

का. प्रदेश अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने बताया कि कर्मचारियों ने कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी जायज मांगें रखीं, लेकिन लगातार अनदेखी की गई। यहां तक कि 27% वेतनवृद्धि, मेडिकल अवकाश और ग्रेड पे पर स्वीकृति मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए, जिससे नाराज़ कर्मचारी अब हड़ताल पर हैं।

हड़ताल से प्रभावित सेवाएँ:

📌.मरीजों को दवाइयाँ उपलब्ध नहीं

📌.नवजात शिशु वार्ड बंद सहित पोषण आहार केंद्र बंद पड़े हैं

📌.शुगर, ब्लड टेस्ट, ट्रूनाट,सीबीनाट से बलगम टेस्ट और नेत्र जाँच बाधित,

📌.स्कूल व आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण पूरी तरह ठप

📌.रूटीन टीकाकरण बंद

📌.टीबी, मलेरिया, कुष्ठ जैसी बीमारियों के मरीजों को दवाइयाँ नहीं मिल रही

सुदूर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के कई अस्पतालों में अव्यवस्था बढ़ गई है और कई अस्पताल पूरा बंद होने की कगार पर हैं।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आगे आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
जिसकी जिम्मेदारी शासन की होंगी। कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे, जिला बिलासपुर