21 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
बिलासपुर/रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर में पदस्थ रहे तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेंद्र जायसवाल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई स्पा संचालक से कथित रूप से धमकी और अवैध वसूली से जुड़े स्टिंग वीडियो के सामने आने के बाद की गई है। गृह विभाग द्वारा बुधवार को निलंबन का आदेश जारी किया गया।
जानकारी के अनुसार, राजेंद्र जायसवाल वर्तमान में गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (GPM) जिले में पदस्थ थे, लेकिन आरोप उनके बिलासपुर कार्यकाल से जुड़े हैं। शिकायत में कहा गया था कि स्पा की नियमित जांच के नाम पर दबाव बनाकर मासिक राशि की मांग की जा रही थी और रकम नहीं देने पर व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती थी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर शासन ने प्रथम दृष्टया इसे गंभीर कदाचरण माना है। आदेश में उल्लेख है कि यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। साथ ही इसे भ्रष्टाचार की श्रेणी में रखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि के दौरान राजेंद्र जायसवाल का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय (PHQ), नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, लेकिन बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध रहेगा।
इस मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा के सख्त रुख के बाद जांच के निर्देश दिए गए थे। आईजी द्वारा पहले ही बिलासपुर के एसएसपी को सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए जा चुके हैं।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और वर्दी के दुरुपयोग के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
