19 जनवरी 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर….
बिलासपुर, 18 जनवरी। बिल्हा विकासखंड के नगपुरा में आयोजित तीन दिवसीय बेलतरा महोत्सव का समापन हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे और लोक संस्कृति से जुड़े विविध आयोजनों का आनंद लिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधायक धरमजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बेलतरा महोत्सव ने स्थानीय कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान किया है। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और स्थानीय प्रतिभाओं के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पहले बेलतरा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यह उत्सव और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर पूजा विधानी ने की। स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला ने सफल आयोजन के लिए कलाकारों, दर्शकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सुरक्षा बलों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बिना भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप, नागरिक सहकारी बैंक अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सरपंच गंगा प्रसाद साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि विधायक धरमजीत सिंह ने नगपुरा मेला स्थल में 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन भी किया।

रंगारंग प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
समापन समारोह में छत्तीसगढ़ी कलाकार एवं गायक पद्मश्री अनुज शर्मा की शानदार प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनके सुमधुर गायन और संगीतमय प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने फिल्मी गीतों से लेकर छत्तीसगढ़ी लोक धुनों तक की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को एक यादगार संगीतमय अनुभव प्रदान किया।
इसके अलावा बिलासपुर के लोक कलाकार हिलेंद्र सिंह ठाकुर एवं उनकी टीम ने भी छत्तीसगढ़ी लोक कला की मनमोहक प्रस्तुति दी। गायन और नृत्य के माध्यम से उन्होंने शराब और तंबाकू मुक्त समाज का संदेश देकर दर्शकों को जागरूक किया।
बेलतरा महोत्सव का यह समापन स्थानीय संस्कृति, लोक कला और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण बनकर यादगार रहा।
