January 20, 2026
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25 दिसम्बर 2025

सीजी क्राइम रिपोर्टर….

बिलासपुर–

छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का समापन भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। इस अवसर पर लोक परंपरा, सूफी संगीत और आधुनिक धुनों का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। महोत्सव के मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुत हुईं मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्साह से भर दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत स्वप्निल बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई। बैंड ने देशभक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को देशप्रेम की भावना से सराबोर कर दिया। वंदेमातरम्, छाप तिलक और तेरी दीवानी जैसे लोकप्रिय गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। गीतकार राकेश शर्मा के रचनात्मक गीतों ने श्रोताओं के दिलों को विशेष रूप से छू लिया।


इसके पश्चात सुप्रसिद्ध लोक गायिका आरू साहू ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की भावनात्मक प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने मैया… जसगीत, जय श्री राम, सुआ गीत, पंथी और पचरा गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी गायकी में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, आस्था और परंपरा की सजीव झलक देखने को मिली। पंथी गीत के दौरान दर्शकों, विशेषकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।


कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए काफिला बैंड ने अपने सूफियाना गीतों की प्रस्तुति से वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। सूफी संगीत की गहराई और भावनात्मकता ने श्रोताओं को आत्मिक शांति का अनुभव कराया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।


वहीं, बस्तर बैंड ‘दायरा’ की जोशीली और दमदार प्रस्तुति ने समापन समारोह को नई ऊंचाई दी। पारंपरिक और आधुनिक संगीत के बेहतरीन मिश्रण से सजी उनकी प्रस्तुति पर युवा दर्शक खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। बस्तर अंचल की सांस्कृतिक छाप लिए इस प्रस्तुति ने युवाओं को खासा उत्साहित किया।


समापन समारोह में प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा मिलकर कला और संस्कृति को नई दिशा दे सकती है।