January 20, 2026
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10 प्लेट्स और 35 स्क्रू से जटिल सर्जरी कर युवक की हड्डियां जोड़ी गईं

16 दिसम्बर 2025

सीजी क्राइम रिपोर्टर…..

बिलासपुर:–सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 19 वर्षीय युवक के चेहरे को सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने सफल जटिल सर्जरी के माध्यम से नई जिंदगी दी है। कोरबा जिले के पाली तहसील अंतर्गत ग्राम मुरली निवासी नंदकुमार पटेल को दुर्घटना के बाद गंभीर अवस्था में सिम्स लाया गया था, जहां जांच में सामने आया कि उसके चेहरे की दाहिनी ओर की लगभग सभी हड्डियां बुरी तरह चकनाचूर हो चुकी थीं।

चिकित्सकों के अनुसार दुर्घटना में युवक का दाहिना गाल, आंख के नीचे की हड्डी, ऊपरी और निचला जबड़ा तथा आंख के नीचे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। चेहरे का सीटी स्कैन कराने पर स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हुई। इस तरह की टूटी हुई हड्डियों को दोबारा जोड़ना अत्यंत चुनौतीपूर्ण सर्जरी होती है। सभी आवश्यक रक्त जांच एवं सीटी स्कैन के बाद 11 दिसंबर 2025 को ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण ऑपरेशन के दौरान युवक को रक्त भी चढ़ाया गया।

लगभग 6 से 7 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी की खास बात यह रही कि युवक की उम्र और चेहरे की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। सिर में हेमीकोरोनल इनसीजन तथा आंख के अंदर से ट्रांसकंजक्टाइवल चीरा दिया गया, जिससे चेहरे के ऊपर किसी भी प्रकार का बाहरी निशान नहीं पड़ा। टूटी हुई हड्डियों को सही स्थान पर स्थापित करने के लिए 10 प्लेट्स और 35 स्क्रू का उपयोग किया गया।

इस सफल सर्जरी में दंत चिकित्सा विभाग, निश्चेतना विभाग और रेडियोलॉजी विभाग की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दंत चिकित्सा विभाग के डॉ. भूपेन्द्र कश्यप के निर्देशन में यह ऑपरेशन किया गया। सर्जरी टीम में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप प्रकाश, डॉ. केतकी किनिकर, डॉ. हेमलता राजमनी, डॉ. प्रकाश खरे एवं डॉ. सोनल पटेल शामिल रहे। निश्चेतना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति एवं उनकी टीम, नर्सिंग स्टाफ और मेजर ओटी कर्मचारियों का भी अहम योगदान रहा। वहीं रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

इस सर्जरी की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति तथा संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने सभी विभागों के चिकित्सकों को बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जटिल और सफल सर्जरी सिम्स की चिकित्सा क्षमताओं को नई ऊंचाई प्रदान कर रही है, जिससे मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगे।