24 नवम्बर 2025
सीजी क्राइम रिपोर्टर…….
बिलासपुर। सरकण्डा पुलिस ने मकान बिक्री के नाम पर 40 लाख रुपये की ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बिना नामांतरण कराए और बैंक में गिरवी रखे मकान को बेचने का फर्जी सौदा कर लाखों रुपये वसूल लिए थे।
मामला सरकण्डा थाना क्षेत्र का है। प्रार्थी अजीत शुक्ला निवासी सूर्या विहार ने 22 नवम्बर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अप्रैल 2024 में उसकी मुलाकात परिचित दिनेश प्रताप सिंह के माध्यम से भास्कर प्रसाद त्रिपाठी से हुई। भास्कर ने स्वयं को एसईसीएल कोरबा में कार्यरत बताया और कहा कि उसका मकान विवेकानंद नगर (मोपका) में बिक्री हेतु उपलब्ध है। इसके बाद अजीत शुक्ला ने मकान खरीदने की इच्छा जताई और 50 रुपये के स्टांप पेपर पर 26 अप्रैल 2024 को इकरारनामा तैयार हुआ, जिसमें तीन महीने के भीतर रजिस्ट्री कराने का वादा किया गया था।

इकरारनामा के बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी भास्कर त्रिपाठी को 36 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, परंतु न तो रजिस्ट्री हुई और न ही रकम वापस की गई। जांच के दौरान पता चला कि संबंधित मकान बैंक में बंधक था और इसके बावजूद आरोपी भास्कर त्रिपाठी एवं दिनेश प्रताप सिंह ने मिलकर 40 लाख रुपये का फर्जी सौदा कर लिया।
प्रकरण दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल और सीएसपी (सिविल लाइन/सरकण्डा) निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों—भास्कर प्रसाद त्रिपाठी (56 वर्ष) और दिनेश प्रताप सिंह ठाकुर (66 वर्ष)—को गिरफ्त में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें 22 नवम्बर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि ऐसे धोखाधड़ी मामलों में सतर्क रहना आवश्यक है और संपत्ति खरीद-बिक्री के पहले नामांतरण व बंधक स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए।
