कोनी में सप्तमी पर विशाल माता जागरण, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब; रतनपुर महामाया पदयात्रियों को बांटा गया प्रसाद और फल
बिलासपुर। नवरात्रि में देवी जागरण केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि माता रानी की विशेष कृपा, अनुकंपा और दैवीय शक्तियों की आराधना का पावन माध्यम है। पारिवारिक और भक्तिमय वातावरण में ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक आस्था और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं। माता रानी सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें, यही प्रार्थना है। यह विचार कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने सप्तमी के पावन अवसर पर कोनी में आयोजित विशाल माता जागरण कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। नवयुवक दुर्गोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। संतोष मिश्रा-राजा खान के ग्रुप महामाया जागरण मंडली ने माता के भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अशोक श्रीवास, रामाधार केवट, सुशील पांडे, सीताराम श्रीवास, राम विजय गढ़वाल, अनुपम दुबे, मणिशंकर पटेल, अनिल श्रीवास, रामस्वरूप श्रीवास, रामकुमार केवट, रामकुमार श्रीवास, बृज खंडे, जनक पांडे, राजू पिल्ले, मनोज श्रीवास, आनंद चंद्र श्रीवास, गीतेश्वर पटेल, आयुष सिंह, चरण सिंह राज, शुभम श्रीवास और सतीश तिवारी उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से दीपक श्रीवास, वेदव्यास श्रीवास, लाला यादव, अर्जुन ध्रुव, हर्ष कश्यप, संतोष गुप्ता, सुरेश यादव, मनोज पटेल, दुर्गेश पटेल, राजा पटेल, लक्ष्मीकांत श्रीवास, राहुल श्रीवास, लाला ठाकुर, नानू यादव, देवशरण कौशिक, रामू पटेल, शिवदास मानिकपुरी, संतोष पटेल, केशव पटेल, अनिल पटेल, बलराम श्रीवास, फूलचंद सारथी, आशु केवट, विक्की सुनहरे, हेमंत डहरिया, संजय श्रीवास, राम चरण गढ़वाल, शंकर पटेल, पुन्नी राम पटेल, रवि पटेल, राजू पटेल, रवि यादव, प्रमोद यादव, सहारा यादव, मुकेश पटेल, भगत पटेल, विजय यादव, राजेंद्र म्हात्रे, जैक्सन एंथोनी, ज्ञानेश्वर पटेल और योगेश गढ़वाल सहित अनेक लोगों ने आयोजन में सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर के दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं का भी विशेष स्वागत किया गया। नवयुवक दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने पदयात्रियों को प्रसाद और फल वितरित किए। विशाल जागरण, भक्ति संगीत और पदयात्रियों की सेवा के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, सेवा और सामूहिक सहभागिता का माहौल देखने को मिला।
