बिलासपुर। साइबर ठगी की रकम बैंक खातों में जमा कराकर एटीएम और यूपीआई के जरिए निकालने के मामले में सरकंडा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका एक साथी फरार है। पुलिस के अनुसार, भारत सरकार के पुलिस पोर्टल समन्वय (JMIS) के माध्यम से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एक संदिग्ध खाते की जांच में 11 साइबर ठगी की शिकायतें सामने आईं। यह खाता ‘साहू बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर’ के नाम पर पंजीकृत था, जिसके प्रोपराइटर संजय कुमार साहू (35 वर्ष), निवासी सेमरताल, थाना कोनी, बिलासपुर हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथी के साथ मिलकर कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों में जमा कराते थे। इसके बाद रकम यूपीआई और एटीएम के माध्यम से निकालकर आपस में बांट लेते थे। मामले में थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 1485/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61(2), 317(5), 318(4), 323, 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पुलिस ने संजय कुमार साहू को गिरफ्तार कर मामले से संबंधित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एसबीआई के खाते जप्त किए हैं। आरोपी को रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि फरार साथी की तलाश जारी है।
