बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को अपना 41वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। राघवेंद्र राव सभा भवन स्थित प्रेस क्लब भवन में अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय कांति तिवारी तथा पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा और वीरेंद्र गहवई की मौजूदगी में केक काटकर उत्सव मनाया गया। इस दौरान नवीन फोटोकॉपी मशीन और मिनी फ्रिज का पंडित शिवकुमार तिवारी ने विधिवत पूजन किया। समारोह में प्रेस क्लब की स्थापना, प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय डीपी चौबे के योगदान और पत्रकारों को एकजुट करने के लिए किए गए शुरुआती प्रयासों को याद किया गया।

प्रेस क्लब के इतिहास को साझा करते हुए वरिष्ठ पत्रकारों ने बताया कि 1980 के दशक में करीब 24 से 25 पत्रकारों ने मिलकर वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के माध्यम से पत्रकारों को संगठित करने की पहल की थी। संसाधनों की कमी के बावजूद शुरू हुआ यह प्रयास आगे चलकर बिलासपुर प्रेस क्लब की स्थापना का आधार बना। प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय डीपी चौबे ने संवाद, समन्वय और आपसी सहयोग के जरिए संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वक्ताओं ने उस दौर को भी याद किया, जब प्रेस क्लब में सर्वसम्मति से अध्यक्ष चयन और पदाधिकारियों के मनोनयन की व्यवस्था के स्थान पर लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली लागू करने की मांग उठी। छह वरिष्ठ पत्रकारों की पहल और संघर्ष के बाद अध्यक्ष के चुनाव में मतदान की व्यवस्था शुरू हुई और आगे चलकर पूरी कार्यकारिणी के चुनाव की परंपरा स्थापित हुई।

41वें स्थापना दिवस समारोह में अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय कांति तिवारी, सहसचिव हरिकिशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव, पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा और वीरेंद्र गहवई सहित वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद इसराइल, रवि शुक्ला, जितेंद्र रात्रे, सैयद जफर आगा, तीरथ लहरे, अनिरुद्ध राजपूत और बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि प्रेस क्लब की असली ताकत उसके सदस्यों की एकजुटता, आपसी विश्वास और लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित है। स्थापना दिवस ने पत्रकारों को संगठन के संघर्षपूर्ण इतिहास और संस्थापक सदस्यों के योगदान को याद करने के साथ इन मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दि
