20 अगस्त 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई का त्वरित परिणाम सामने आया है। सिटी कोतवाली थाने के एनडीपीएस प्रकरण में विशेष एनडीपीएस न्यायालय, बिलासपुर ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। खास बात यह है कि प्रकरण का विचारण लगभग सात माह में पूरा हुआ, जिससे नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश गया है।
प्रकरण क्रमांक 488/2025 में धारा 21, 22 एनडीपीएस अधिनियम के तहत पुलिस ने कार्रवाई की थी। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 114 ब्यूप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन, प्रत्येक 2 मिलीलीटर, यानी कुल 228 मिलीलीटर नशीली दवा बरामद की गई थी। इसके अलावा प्रकरण में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 10 बीएन 2344, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई, भी जब्त की गई थी।
पुलिस के अनुसार 8 सितंबर 2025 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ज्वाली नाला के पास दबिश देकर दो आरोपियों के कब्जे से 62 इंजेक्शन बरामद किए गए। इसके बाद 9 सितंबर 2025 को आरोपी दुर्गा वर्मा के कब्जे से 52 इंजेक्शन बरामद किए गए। इस तरह दोनों कार्रवाई में कुल 114 इंजेक्शन जब्त हुए।
मामले में पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए प्रभावी विवेचना पूरी की और आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में सुनवाई पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध कर कठोर सजा सुनाई गई।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में निकेत वस्त्रकार (23), जयंत वस्त्रकार (22) और दुर्गा वर्मा (31) शामिल हैं। तीनों बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र के घुटकू इलाके के निवासी हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं की बिक्री, परिवहन और आपूर्ति में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। गिरफ्तारी के साथ ही अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी जांच की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर कठोर न्यायिक दंड का सामना करना पड़ेगा।
नशे का कारोबार छोड़ दें—क्योंकि पुलिस की कार्रवाई और न्याय व्यवस्था, दोनों ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त हैं।
बिलासपुर पुलिस — नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस।
सीजी क्राइम रिपोर्टर ✍️ प्रधान संपादक
