January 20, 2026
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04 अगस्त 2028

विलासपुर :-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रामाग्रीन सिटी की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी राखी दीदी जी एवं राजयोगिनी सरोज दीदी जी ने एसईसीएल के अधिकारी एवं कर्मचारीगण को रक्षा सूत्र बांधा तत्पश्चात राजयोगिनी राखी दीदी जी ने रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि सर्वप्रथम इंद्राणी ने इंद्र को युद्ध में विजय प्राप्त करने हेतु रक्षा सूत्र बांधा था एवं विजय का तिलक लगाया था और इंद्र की युद्ध में विजय हो जाती है समय बदलता गया समाज में मर्यादाओं का उल्लंघन होने लगा तब ब्राह्मणों द्वारा यजमानों को मार्यदाओं की रक्षा हेतु रक्षा सूत्र बांधा गया। धीरे-धीरे समाज में पुरुषों का स्त्रियों के प्रति विकारी दृष्टि बढ़ती गई और इस विकारी दृष्टि को समाप्त करने के लिए सबसे पवित्र रिश्ता भाई और बहन का है, तब से बहन अपने भाई को राखी बांधना प्रारंभ कर दी और यही प्रतिज्ञा उनके द्वारा कराई गई कि वह सदा अपने बहन की पवित्रता की रक्षा करेंगे तथा किसी भी स्त्री के प्रति विकारी दृष्टि नहीं रखेंगे परंतु आज भी पुरुषों का स्त्रियों के प्रति विकारी दृष्टि समाप्त नहीं हो रही है जिससे स्त्रियों के साथ विभिन्न प्रकार की घटनाएं हो रही है वास्तव में हमारा परम रक्षक एकमात्र परमपिता परमात्मा ही है वहीं आकर हमको सच्ची पवित्रता की राखी बांधते हैं जिससे हर नर और नारी सुरक्षित रहते हैं इसी परमात्मा स्मृति में आज सभी को परमात्मा के घर से रक्षाबंधन बांधा जा रहा है

अंत में राजयोगिनी सरोज दीदी जी ने सभी को मेडिटेशन कराया