बिलासपुर। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकाली जा रही मां महामाया की भव्य ध्वजा यात्रा के चौथे दिन आस्था, भक्ति और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां वैष्णोदेवी मंदिर नगौई से शुरू हुई यात्रा का विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। मां के जयकारों से गांव-गांव का वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा में विधायक सुशांत शुक्ला की धर्मपत्नी छाया शुक्ला, बहन श्वेता पांडेय शुक्ला और उनके दोनों बच्चे भी शामिल हुए। वहीं, खपराखोल में धुरी समाज के सामुदायिक भवन के लिए ₹20 लाख के विकास कार्य का भूमिपूजन किया गया।

नगौई से जलसों तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
चौथे दिन ध्वजा यात्रा की शुरुआत ग्राम नगौई स्थित मां वैष्णोदेवी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद मां महामाया मंदिर में शीश नवाकर यात्रा बैमा, धुरीपारा, पौसरा, मां कोशगाई मंदिर, परसदा, सेमरा, सेमरी, भरारी और जलसों सहित विभिन्न पड़ावों से गुजरी। हर गांव में श्रद्धालुओं ने ध्वजा यात्रा का आत्मीय स्वागत किया। ग्राम परसदा में सैकड़ों महिलाओं की भागीदारी विशेष आकर्षण रही। विधायक के परिवार की मौजूदगी ने भी यात्रा को पारिवारिक और भावनात्मक स्वरूप दिया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ नई पीढ़ी को सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने और समाज में आपसी सद्भाव का संदेश देता नजर आया।

खपराखोल में विकास को नई सौगात, सेमरताल में रात्रि विश्राम
यात्रा के दौरान ग्राम खपराखोल में विधायक सुशांत शुक्ला ने विधायक निधि से ₹20 लाख की लागत से धुरी समाज के लिए बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। भवन बनने से समाज के लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। नगौई में सरपंच सुचिता सत्येंद्र गड़ेवाल, बैमा में सरपंच फत्तेलाल सूर्यवंशी, पौसरा में सरपंच प्रहलाद यादव और परसदा में सरपंच अजय टेगवर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया। चौथे दिन की यात्रा जलसों होते हुए आगे बढ़ी और सेमरताल में रात्रि विश्राम हुआ। पांचवें दिन यात्रा सेमरताल से प्रारंभ होकर गतौरी, भदोरियाखार, रमतला और कछार सहित निर्धारित पड़ावों से गुजरेगी। मां महामाया की भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर आगे बढ़ रही यह यात्रा बेलतरा विधानसभा के गांवों को आस्था के सूत्र में जोड़ रही है।
