05 जुलाई 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर/रायगढ़ विशेष
रायगढ़। तमनार थाना पुलिस ने बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर उठाईगिरी की लगातार वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के फरार मास्टरमाइंड हरि उर्फ विशाल नट को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा के साथ मिलकर तीन अलग-अलग घटनाओं में कुल 2 लाख 44 हजार रुपये की उठाईगिरी की थी। साथी धर्मेन्द्र नट को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि वारदात में प्रयुक्त दो अपाचे मोटरसाइकिल और डिक्की तोड़ने के औजार भी बरामद किए जा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मामले की गहन जांच की। पुलिस ने अपेक्स बैंक एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच में सामने आया कि पहली वारदात 9 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब झरना निवासी गोसाई राम राठिया के बैग से बाजारपारा में 20 हजार रुपये, पासबुक और एटीएम कार्ड चोरी कर लिए गए। दूसरी घटना 14 मई को हुई, जब सराईपाली निवासी 65 वर्षीय रहंसराम खम्हारे अपेक्स बैंक से 24 हजार रुपये निकालने के बाद यात्री प्रतीक्षालय में बैठे थे। इसी दौरान उनके थैले में रखी नकदी और दस्तावेज अज्ञात चोर लेकर फरार हो गए।
तीसरी और सबसे बड़ी वारदात 8 जून 2026 को हुई, जब गौरबहरी निवासी लोकेश्वर पटेल अपेक्स बैंक से 2 लाख रुपये निकालकर मोटरसाइकिल की डिक्की में रखकर तहसील कार्यालय गए थे। लौटने पर डिक्की टूटी मिली और पूरी रकम गायब थी।
लगातार पतासाजी के दौरान 19 जून 2026 को पुलिस ने धर्मेन्द्र नट को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने हरि उर्फ विशाल नट के साथ मिलकर तीनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई दूसरी नई अपाचे मोटरसाइकिल तथा डिक्की तोड़ने में इस्तेमाल किए गए लोहे के औजार बरामद किए गए।
मुख्य आरोपी हरि उर्फ विशाल नट उस समय जिला कोरिया के एक अन्य मामले में जिला जेल बैकुंठपुर में बंद था। तमनार पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। आरोपी ने तीनों उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि चोरी की रकम का अधिकांश हिस्सा उसने और उसके साथी ने आपस में बांटकर जुआ खेलने तथा खाने-पीने में खर्च कर दिया।
आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस पूरे मामले का सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, हेम प्रकाश सोन तथा आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
