09 जून 2026
सीजी क्राइम रिपोर्टर
न्यायधानी बिलासपुर
बिलासपुर:खरीफ सीजन की दहलीज पर खाद, बिजली, सिंचाई के पानी, बीज और डीजल की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आ गया। किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने बिलासपुर कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की खास बात यह रही कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बैलगाड़ियों में सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कलेक्ट्रेट पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर माहौल काफी गर्म रहा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर रखी थी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान आज खाद, बिजली, पानी और डीजल जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है। समय पर खाद और बीज नहीं मिलने से खेती प्रभावित हो रही है, जबकि बिजली कटौती और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। डीजल की बढ़ती कीमतों ने कृषि लागत को और अधिक बढ़ा दिया है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पहले तहसीलदार और एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और सीधे कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले गतिरोध के बाद कलेक्टर को मंथन कक्ष से बाहर आकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का ज्ञापन लेना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने किसानों की मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

कांग्रेस और किसानों ने प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में खाद की निर्बाध उपलब्धता, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, सिंचाई के लिए पानी तथा ट्रैक्टरों के लिए डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी और उग्र स्वरूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल रहे। किसानों के मुद्दों को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने जिले की राजनीति और कृषि संकट को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
— सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
